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लखनऊ में पत्रकारिता का चोला, खबरों से कोई सरोकार नहीं! कमता चौकी क्षेत्र में डग्गामार वाहनों से कथित वसूली का आरोप

कमता चौकी क्षेत्र में डग्गामार वाहनों से कथित वसूली का आरोप, पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के थाना चिनहट अंतर्गत कमता चौकी क्षेत्र से पत्रकारिता की आड़ में कथित अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि एक व्यक्ति स्वयं को ‘स्वतंत्र भारत’ अखबार का पत्रकार बताता है, लेकिन उसका ध्यान खबरों और जनहित के मुद्दों से अधिक कथित तौर पर डग्गामार बसों, निजी टैक्सियों और अन्य वाहनों से वसूली के काम पर रहता है।
आरोप है कि कमता चौकी क्षेत्र में चलने वाले डग्गामार वाहनों और निजी टैक्सियों से कथित रूप से वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पत्रकारिता की पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर वाहन चालकों व संचालकों पर दबाव बनाया जाता है।

पत्रकारिता की आड़ में कथित वसूली?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति को खबरों की तलाश और जनसमस्याओं को उठाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, उस पर ही कथित तौर पर अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पत्रकारिता का चोला पहनकर प्रभाव बनाने और कथित वसूली करने का काम किया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कमता चौकी क्षेत्र में डग्गामार बसें और निजी वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? और यदि उनसे वसूली के आरोप सही हैं तो पुलिस और प्रशासन अब तक मौन क्यों है?

कमता चौकी पुलिस पर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले में कमता चौकी क्षेत्र की पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिरकार इतने बड़े स्तर पर कथित वसूली का खेल बिना किसी संरक्षण के कैसे चल सकता है? क्या अवैध डग्गामार वाहनों को भी किसी का संरक्षण प्राप्त है? इन सवालों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


उठ रहे हैं कई सवाल

- क्या कमता चौकी क्षेत्र में डग्गामार वाहनों से कथित वसूली का कोई नेटवर्क सक्रिय है?
- क्या पत्रकारिता की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है?
- डग्गामार बसों और निजी वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
- क्या स्थानीय पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है?
- यदि जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- क्या पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?

निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने उच्च पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए डग्गामार वाहनों के संचालन, कथित अवैध वसूली और पत्रकारिता की आड़ में प्रभाव के इस्तेमाल की जांच कराई जानी चाहिए।

अब देखना यह होगा कि थाना चिनहट और कमता चौकी क्षेत्र से जुड़े इन गंभीर आरोपों पर पुलिस प्रशासन कब संज्ञान लेता है। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, या फिर सवालों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

नोट : यह समाचार स्थानीय लोगों और सूत्रों से प्राप्त आरोपों पर आधारित है। आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संबंधित पत्रकार, पुलिस अथवा अन्य पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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